मकर लग्न व मकर राशि - शनि लग्न और द्वितीय भाव के स्वामी होकर बारहवें भाव में गोचर करेगा। शारीरिक आर्थिक और मानसिक परेशानियां रहेगी। मकर राशि वाले जातकों को साढ़े साती प्रारंभ हो जाएगी, शुरू के ढाई साल संघर्ष के रहेंगे। खर्च बढ़ेगा, पर्यटन स्थल का भ्रमण रहेगा। शत्रु पर विजयी होंगे, नौकरी में सफलता मिलेगी, पराक्रम में वृद्धि होगी। सत्य का आचरण करें, झूठी गवाही न दें, मेहनत अधिक करें।
कुंभ लग्न व कुंभ राशि - शनि लग्न व बारहवें भाव के स्वामी होकर ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा। यह शुभ फल प्रदान करने वाला है। योजनाएं सफल होंगी, वाणी माधुर्य रहेगी, आय के नए स्त्रोत बनेंगे। बाहरी क्षेत्र से लाभ मिलेगा, खर्च अधिक होगा। समय शान और शौकत में बीतेगा। विदेश यात्रा के योग बनेंगे। पैतृक संपत्ति का लाभ मिलेगा।
मीन लग्न व मीन राशि - शनि ग्यारहवें और बारहवें भाव के स्वामी होकर दशम भाव मे गोचर करेगा, हर्ष, विषाद, लाभ और हानि दोनों मिले-जुले रहेंगे। मकान व वाहन के योग बनेंगे। स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। पुरातत्व से अच्छा लाभ मिलेगा। आयु में वृद्धि होगी परंतु स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव रहेगा।

