तुला लग्न व तुला राशि - शनि पांचवे व चतुर्थ भाव का स्वामी होकर तृतीय भाव में गोचर करेगा, तब यात्रा के योग बनेंगे, आपकी राशि पर से साढ़े साती भी समाप्त हो रही है, जिससे बहुत राहत महसूस करेंगे। भाई बहन का सहयोग मिलेगा, भाग्य में कमी रहेगी, खर्च पर नियंत्रण जरूरी है। यश मिलेगा, मान सम्मान में वृद्धि होगी, कई प्रकार की सुख सुविधाएं मिलेंगी, धन की प्राप्ति हाेगी परंतु अपने काम को लेकर सर्तक रहें और दूसरों को शिकायत का मौका न दें।
वृश्चिक लग्न व वृश्चिक राशि - शनि तृतीय और चर्तुथ भाव का स्वामी होकर दूसरे धन भाव में गोचर करेगा, संघर्ष करना पड़ेगा, वाहन, मकान का सुख मिलेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, मानसिक दबाव महसूस करेंगे, खानपान पर विशेष ध्यान देना पड़ेगा, प्रॉपटी में निवेश करेंगे, विदेश के योग बनेंगे, धन संचय होगा, आपको व्यापार, नौकरी या खेती के क्षेत्र से आय अधिक होगी, मान सम्मान मिलेगा।
धनु लग्न व धनु राशि - शनि तृतीया और द्वितीय भाव के स्वामी होकर लग्न भाव में गोचर करेगा, आपको शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इस समय साढ़े साती भी चल रही है वाणी दोष के कारण बनाया काम बिगड़ सकता है, शारीरिक थकावट महसुस करेंगे, व्यर्थ की भागदौड़ रहेगी, दांपत्य जीवन में कठिनाई होगी। विवाह के योग बनेंगे, साझेदारी के योग बनेंगे, मान सम्मान मिलेगा, जितनी मेहनत करेंगे उतना फल मिलेगा। राज्य से लाभ मिलेगा, नौकरी में पदोन्नति मिलेगी।

