कर्क लग्न व कर्क राशि - शनि सातवें भाव व अष्टम भाव का स्वामी होकर छठे भाव में गोचर करेगा। शत्रु में वृद्धि, विदेश जाने के योग बन सकते हैं, पति पत्नी में अनबन रहेगी, रोग लंबा रहेगा, कर्ज लेना पड़ सकता है, वाणी पर नियंत्रण रखें, नहीं तो मित्र शत्रु बनेंगे। अकेलापन महसूस कर सकते हैं, व्यर्थ की भागदौड़ रहेगी, खर्च अधिक रहेगा, परंतु मनोबल बढ़ेगा।
सिंह लग्न व सिंह राशि - शनि सातवें भाव और छठेंं भाव का स्वामी होकर, पंचम भाव में गोचर करेगा। संतान पक्ष कमजोर रहेगा, कर्ज चुकेगा, साझेदारी अच्छी रहेगी, व्यापार में वृद्धि, शिक्षा में सफलता, अधिक परिश्रम के साथ सफलता मिलेगी, गर्भवती महिलाओं कि विशेष सावधानी रखनी पड़ेगी, शेयर निवेश करते वक्त सावधानी रखें।
कन्या लग्न व कन्या राशि - शनि पांचवे व छठे भाव के स्वामी होकर चर्तुथ भाव मे गोचर करेगा। सुख में वृद्धि, आलस्य बढ़ेगा, कर्ज से मुक्ति मिलेगी, संतानपक्ष कमजोर रहेगा, कार्यक्षेत्र अच्छा रहेगा, प्रमोशन के योग बनेंगे, अनावश्यक कर्ज लेना पड़ सकता है, क्रोध बढ़ेगा, थकान रहेगी, खान-पान पर ध्यान दें, भूमि संबंध केस में सफलता मिलेगी।

