2 अनेकता में एकता - हां, भारत की सबसे बड़ी विशेषता यह तो है, कि इस यहां हर धर्म, जाति, वर्ग, संप्रदाय और पंथ को मानने वाले लोग एक साथ मिल-जुलकर रहते हैं। साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं और एक दूसरे की संस्कृति का सम्मान करते हैं। जितना दिवाली पर पटाखे जलाए जाते हैं, उतनी ही मिठास ईद की सेवईयों में घुलती है और क्रिसमस के केक का स्वाद भी एकता की महक से सुगंधित होता है। यहां प्रकाश पर्व सभी के लिए जगमगाता है और संक्रांति पर पतंग का कोई धर्म नहीं होता। जन्माष्टमी पर मुस्लिम बच्चा भी कृष्ण होता है और ईद पर सभी से भाईचारा। शायद यही कारण है कि यह देश संतुष्ट है, खुशहाल है... क्योंकि यहां की जलवायु में अपनेपन और एकता की ठंडक है, जो सुकून देती है।

3 पारंपरिक व्यंजन - दुनियाभर में भले ही नए-नए व्यंजनों की भरमार हो, लेकिन भारत के पारंपरिक व्यंजनों का मजा दुनिया के किसी भी कोने में नहीं मिल सक ता। चाहे महाराष्ट्रीयन पूरन पोली हो, या दही वड़ा, राजस्थानी प्याज की कचौड़ी हो या मिर्चीवड़ा, बैंगन का भर्ता हो या सरसों का साग, मक्के की रोटी हो या फिर आलू के पराठे। चमचम, रसगुल्ले की मिठास हो या जलेगी की चाशनी, गुलाब जामुन और हलवा हो या घर की बनी खीर-पूरी। मुंबई की चाट हो, या दिल्ली की पानी पुरी, पंजाबी तड़का हो या दक्षिण भारतीय नारियल की चटनी, उत्तर-प्रदेश का लिट्टर चोखा हो या गुजरात का खमण-ढोकला, खांडवी और मध्यप्रदेश हर पारंपरिक व्यंजन। दुनिया भर में कहीं भी भारतीय स्वाद और उसके विभिन्न प्रकार नहीं मिलेंगे। तभी तो यहां की जिंदगी भी है कुछ खट्टी-मीठी, कभी तीखी तो कभी नमकीन।

