webdunia

Select Your Language

Notifications

webdunia

21 जून, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : योग पर हिन्दी निबंध

प्रीति सोनी|
Widgets Magazine



व्यायाम का ऐसा प्रभावशाली प्रकार है, जिसके माध्याम से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा में संतुलन बनाया जाता है। यही कारण है कि योग से शा‍रीरिक व्याधियों के अलावा मानसिक समस्याओं से भी निजात पाई जा सकती है। 
 
योग शब्द की उत्पत्त‍ि संस्कृति के युज से हुई है, जिसका मतलब होता है आत्मा का सार्वभौमिक चेतना से मिलन। योग लगभग दस हजार साल से भी अधिक समय से अपनाया जा रहा है। वैदिक संहिताओं के अनुसार तपस्वियों के बारे में प्राचीन काल से ही वेदों में इसका उल्लेख मिलता है। सिंधु घाटी सभ्यता में भी योग और समाधि को प्रदर्श‍ित करती मूर्तियां प्राप्त हुईं।  
 
हिन्दू धर्म में साधु, सन्यासियों व योगियों द्वारा योग सभ्यता को शुरु से ही अपनाया गया था, परंतु आम लोगों में इस विधा का विस्तार हुए अभी ज्यादा समय नहीं बीता है। बावजुद इसके, योग की महिमा और महत्व को जानकर इसे स्वस्थ्य जीवनशैली हेतु बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है, जिसका प्रमुख कारण है व्यस्त, तनावपूर्ण और अस्वस्थ दिनचर्या में इसके सकारात्मक प्रभाव।  
 
योग की प्रमाणिक पुस्तकों जैसे शिवसंहिता तथा गोरक्षशतक में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
1 मंत्रयोग, जिसके अंतर्गत वाचिक, मानसिक, उपांशु आर अणपा आते हैं। 
2 हठयोग 
3 लययोग
4 राजयोग, जिसके अंतर्गत ज्ञानयोग और आते हैं। 
 
योग के सूत्र, जानें अगले पेज पर... 
Read more on : योग योगा डे योग दिवस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून प्राणायाम योग का इतिहास आत्मा शरीर और मन कर्मयोग योग के सूत्र हठयोग मंत्रयोग 21 June Karmyog Yoga Pranayam Mind Body Yoga Day Hath Yog Yog Diwas Yoga Sutra Mantra Yoga International Yoga Day Yoga In Hindi History Of Yoga