• Webdunia Deals
  1. लाइफ स्‍टाइल
  2. नन्ही दुनिया
  3. कविता
  4. Hindi poem on daughter
Last Updated : Tuesday, 17 February 2026 (14:57 IST)

कविता: बेटी

बेटी पर हिन्दी कविता
अब बेटी है बनी कलेक्टर,
बनी पुलिस कप्तान।
बड़े सूरमाओं तक के अब,
बेटी काटे कान।
बेटी, बेटे से कुछ कम है,
सोच नहीं यह ठीक।
बेटी के आगे पसरी है,
जीत, जीत, बस जीत।
 
कुश्ती भी लड़ती है, खेले,
हॉकी जैसे खेल।
मोड़ डालती धार नदी की,
पर्वत देती ठेल।  
 
आसमान में उड़ जाती है।
बिना किए ही देर।
रख देगी अब पांव चांद पर,
बेटी देर सबेर।
 
रोशन करती है अब बेटी,
मात पिता का नाम।
उसको पढ़ने दो बढ़ने दो,
करने दो कुछ काम।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
ये भी पढ़ें
राहुल गांधी में बदलाव की संभावना नहीं