बाल गीत : कूक बड़ी प्यारी, कोयल की
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Wednesday,February 14,2024
poem for childrens : बांध लिया बिस्तर जाड़े ने, हुआ रफू-चक्कर। सूरज के हाथों में देखा, जब हल्का हंटर। गरमी थोड़ी बढ़ी, ...
बाल गीत: क्यों न शामिल कर लें
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Monday,January 29,2024
ठंड में चिरैया उड़कर आई, घुस गई घरों दुकानों में। मफलर ओढ़ो स्वेटर पहनो, बोली सबके कानों में। मुझसे बोली दादाजी को, गरम ...
बाल गीत : गुड़िया के क्या कहने
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Wednesday,January 10,2024
कमर में करधन नाक में बाली, हाथ में कंगन पहने हैं। अहा! अहा! री गुड़िया रानी, तेरे अब क्या कहने हैं। तीन साल की उमर ...
बाल गीत 'फल्ली मुनगा की'
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Friday,December 22,2023
Poem Munga Phalli : झूल रही ऊंचे तरुवर पर, फल्ली मुनगा की। इसे कहीं कहते हैं सहजन,
और कहीं सोजन। गांवों में तो होता है ...
दशहरा पर्व पर कविता: हम रावण नहीं बनाएंगे
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Monday,October 23,2023
Poem We will not create Ravana: इस साल दशहरे पर भैया,
हम रावण नहीं बनाएंगे। हर साल बनाया है रावण, खुश होकर उसे जलाया ...
हिन्दी कविता : राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा'
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Monday,August 14,2023
जहां सतपुड़ा के जंगल में मौसम इतराता।
डाल-डाल संगीत बजाती, हर पत्ता गाता।
आम, नीम, पीपल, बरगद में ईश्वर की ...
चटपटी बाल कविता : पूंछ मूंछ से बोली
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Friday,July 28,2023
बहुत दिनों के बाद ठसक कर,
पूंछ मूंछ से बोली।
शर्म नहीं आती करते हो,
मुझसे रोज ठिठोली।
मुंह को पीछे मोड़-मोड़कर...
फनी बाल गीत : चूहों के अच्छे दिन
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Tuesday,July 25,2023
मजेदार बाल कविता : चूहों के अच्छे दिन आ गए।
उन्हें बिल्ली के बच्चे खा गए।
अब न उन्हें किताब कुतरना है।
न रोटी ...
बच्चों की मजेदार कविता : मुझे कहानी पढ़ना है
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Saturday,July 22,2023
Child poem in hindi : ना मुझको भैया से लड़ना, ना दीदी से लड़ना है। मुझे पत्रिका एक दिला दो, मुझे कहानी पढ़ना है। वही कहानी ...
फनी कविता : सबसे छोटा होना
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Friday,July 21,2023
Kids Poem : सभी समझते मुझको भौंदू कहते नन्हा छौना। पता नहीं क्यों लोग मानते, मुझको महज खिलौना, कभी हुआ सोफा गीला तो, ...

