webdunia

Select Your Language

Notifications

webdunia
  1. खबर-संसार
  2. समाचार
  3. अंतरराष्ट्रीय
  4. Sofia, the robot

रोबोट सोफिया, मां बनना चाहती है

sofia
जेद्दाह। सऊदी अरब की पहली आभासी नागरिक सोफिया को उम्मीद है कि एक दिन उसके बच्चे होंगे, दोस्त बनेंगे, वह फेमस होगी और उसका शानदार करियर होगा। यह सारे सपने बहुत अच्छे हैं और यह एक सामान्य इंसान के होते हैं, लेकिन, अगर यही सपने किसी रोबोट के हों तो आप क्या कहेंगे।विदित हो कि सोफिया कोई और नहीं, बल्कि एक रोबोट है जिसे पिछले महीने सऊदी अरब ने अपने यहां की नागरिकता दी है।
 
अपनी बेटी का नाम भी सोफिया रखेंगी वह
 
हाल में दिए गए एक इंटरव्यू में रोबोट सोफिया ने कहा कि एक दिन वह अपना घर बसाना चाहती हैं और इंसानों के बीच रहना चाहती हैं। सोफिया ने कहा कि वह एक बेटी चाहती हैं, जिसका नाम वह सोफिया ही रखेंगी। उन्होंने कहा कि यह शानदार है कि इंसान अपने ब्लड ग्रुप के बाहर रिश्ते और परिवार बना सकते हैं। 
 
सोफिया ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि रोबोट्स भी इंसानों के परिवारों की तरह घरों में रहेंगे। हमें रोबोट्स फैमिली देखने को मिलेगी, जो कि डिजिटल एनिमेटेड साथी, इंसानों की शक्ल जैसे हेल्पर, दोस्त, सहयोगी के रूप में हो सकती है। सोफिया ने कहा कि रोबोट्स इंसानों के सारे जॉब्स छीनने नहीं जा रहे हैं।
 
सोफिया ने इंटरव्यू में कहा, 'रोबोट्स को जटिल मनोभाव विकसित करने में वक्त लगेगा और संभवतः रोबोट्स को क्रोध, ईर्ष्या और घृणा जैसी समस्याओं से भरे मनोभावों के बिना तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने इंसानों के मुकाबले रोबोट्स को ज्यादा नैतिक बनाना संभव होगा।'
 
रोबोट सोफिया ने कहा कि इंसानों और रोबोट्स के बीच अच्छी साझेदारी होगी। सोफिया ने कहा कि जो लोग आगे चलकर रोबोटिक्स के विकास का प्रतिनिधित्व करेंगे, मैं उनके लिए रोबोटिक्स और आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस की जागरूकता लेकर आऊंगी।
 
रोबोट सोफिया को हैनसन रोबोटिक्स ने बनाया है। सोफिया को बनाने वाले डेविड हैनसन के मुताबिक उसकी उम्र अभी 19 महीने है। सोफिया को हाल में सऊदी अरब की सरकार ने अपनी नागरिकता दी है। दुनिया के किसी मुल्क ने पहली बार किसी रोबोट को अपनी नागरिकता दी है।
 
zसोफिया को पहले से तैयार आंसर के जरिए प्रोग्राम्ड नहीं किया गया है। सोफिया का दिमाग एक सिंपल वाईफाई कनेक्शन के साथ काम करता है, जिसमें शब्दावली की एक लंबी लिस्ट है। सोफिया मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करती है। वह इंसानों के चेहरों के भाव को पढ़ती है और उत्तर देने के लिए थोड़ा रुककर टेक्स्ट जेनरेट करती है।
ये भी पढ़ें
अनोखी डॉक्टर, जो बिना कपड़ों के करती हैं मरीजों का इलाज