-पंकज सिंह शीशे ने शीशा दिखलाया, बवाल शीशे ने मचाया। संजय क्या कर डाला, दुर्योधन को पूज डाला। इतराता है फिर रहा, खिलजी मदमस्त हो रहा। नाच-गाना दिखाना था, पद्मावती ना चुनना था। राजस्थान की धरोहर है, सतीत्व का जौहर है। कानूनी भाषा गढ़ रहा, ...