Published: Tue, 10 Mar 2026 (10:40 IST)
Updated: Tue, 10 Mar 2026 (10:49 IST)
martyrdom of Hazrat Ali: हजरत अली (रज़ि.) की शहादत दिवस 21वीं रमज़ान को मनाया जाता है, जो इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार हजरत अली की शहादत की तारीख है। यह दिन शिया मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, हालांकि सुन्नी समुदाय भी इस दिन को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करता है।
हजरत अली की शहादत:
हजरत अली (रज़ि.) की शहादत 661 ईस्वी में हुई थी। जब हजरत अली मस्जिद में नमाज़ अदा कर रहे थे, तभी एक ख़ारिज़ी नामक व्यक्ति, जिसे अली के खिलाफ मतभेद थे, ने उन्हें ज़हर से भरी तलवार से हमला किया। हजरत अली गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में शहादत को प्राप्त हुए।
क्यों मनाया जाता है यह दिवस?
हजरत अली की शहादत दिवस, उनके योगदान और बलिदान की याद में मनाया जाता है। वे इस्लाम के पहले चार खलीफाओं में से एक थे, और उनका जीवन इस्लाम की न्याय, ईमानदारी और अल्लाह की राह पर चलने का प्रतीक था। उनके न्यायप्रिय फैसले, साहसिक नेतृत्व और इस्लाम के प्रति उनकी निष्ठा को हमेशा याद किया जाता है।
यह दिन उनके अनुयायियों के लिए एक शोक और श्रद्धा का दिन होता है, और साथ ही यह उनके योगदान को सम्मानित करने और उनकी शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का अवसर होता है। इस दिन को विशेष रूप से शिया समुदाय बड़े धूमधाम से मनाता है, जिसमें शोक, उपवासी, और अन्य धार्मिक आयोजनों के जरिए हजरत अली की शहादत को श्रद्धांजलि दी जाती है।
हजरत अली शहादत दिवस का आयोजन 21वीं रमजान को उनके बलिदान की याद में किया जाता है, ताकि उनकी धार्मिक, सामाजिक और नैतिक शिक्षाओं को सम्मानित किया जा सके और उनके द्वारा दिए गए न्याय और साहस के आदर्शों को प्रकट किया जा सके।
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