6 उपवास काल में उपवासकर्ता का मल सूख जाता है। उपवास करने से पूर्व शंखप्रक्षालन, चौलाई त्रिफला, आंवला, पालक के सूप, नाशपाती या करेले के रस के सेवन से पेट का साफ करना ठीक रहता है। ऐसे में पेशाब में जलन, पेट में जलन, कब्ज, संक्रमण, बदबूदार पसीना आदि की समस्याएं पैदा होती हैं। एक साथ पानी न पीकर एक-एक घंटे बाद एक गिलास पानी में नींबू निचोड़कर उसका सेवन करना ठीक रहता है।
7 उपवास के बीच सुबह-शाम प्राणायाम करना ठीक रहता है। उपवास काल में शारीरिक और मानसिक आराम को भी पूरी तरजीह देनी चाहिए। उपवास काल में मौन व्रत रखना भी श्रेष्ठ रहता है।

