
* नवग्रहों की शांति के लिए यह चढ़ाएं शिव को
शिव साधना तथा अपने जीवन की समस्याएं दूर करने के लिए श्रावण मास से अच्छा समय कोई दूसरा नहीं है। सोमवार, 10 जुलाई 2017 से यह मास प्रारंभ हो रहा है।
कहा गया है कि 'शिव समान दाता नहीं'। यह नितांत सत्य है। सिर्फ आवश्यकता है हृदय से सेवा-साधना करने की। विशेषता यह है कि शिव की प्रसन्नता मात्र 1 लोटा जल चढ़ाने से प्राप्त की जा सकती है। इतना सरल तथा सस्ता कोई विधान व देव नहीं है।
कहा गया है कि 'शिव समान दाता नहीं'। यह नितांत सत्य है। सिर्फ आवश्यकता है हृदय से सेवा-साधना करने की। विशेषता यह है कि शिव की प्रसन्नता मात्र 1 लोटा जल चढ़ाने से प्राप्त की जा सकती है। इतना सरल तथा सस्ता कोई विधान व देव नहीं है।
ग्रह दोष का निवारण निम्नलिखित तरीके से दूर किया जा सकता है-
1. सूर्य की बाधा के लिए- अर्क पुष्प तथा बिल्व पत्र से अर्चन करें।
2. चन्द्र की बाधा के लिए- दुग्ध से अभिषेक तथा श्वेत पुष्प से अर्चन करें।
3. मंगल के दोष के लिए- गुड़ के जल या गिलोय के रस से अभिषेक करें तथा रक्तवर्ण के पुष्प चढ़ाएं।
4. बुध के दोष के लिए- विद्यापरा के रस से अभिषेक करें तथा बिल्वपत्र चढ़ाएं।
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