
11. उत्तर-पूर्व में बगीचा शुभ रहेगा, वहीं दक्षिण-पश्चिम में शुभ नहीं रहता।
12. आग्नेय में देवालय व ईशान में रसोई बरबादी का कारण बनता है।
13. ईशान में शौचालय भी बरबादी का कारण बनता है, स्नानघर हो तो चल जाएगा।
14. किसी भी सूरत में सीढ़ियों के नीचे मंदिर नहीं होना चाहिए। अकसर जगह के उपयोग व कमी को देखते हुए ऐसे अधिकांश घरों में मंदिर बना लेते हैं, जो गलत है।
15. आग्नेय कोण में रसोईघर होना शुभ रहता है।
16. वायव्य में पानी का हौज होना शुभ नहीं।
17. इसी प्रकार के नैऋत्य में घड़ा होना भी शुभ नहीं रहता।
18. आग्नेय पश्चिम में शौचालय रखें।
19. बड़े-बुजुर्गों के सोने का स्थान नैऋत्य में होना चाहिए।
20. अविवाहितों को वायव्य में सुलाएं तो विवाह शीघ्र होगा।

