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आश्विन पूर्णिमा आज भी है, जानिए खास बातें

Sharad Purnima Puja Method
19 अक्टूबर शाम 7 बजकर 5 मिनट 43 सेकंड से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर को रात्रि 8 बजकर 28 मिनट और 57 सेकंड पर तिथि समाप्त होगी। इसीलिए शरद पूर्णिमा आज 20 अक्टूबर को भी मनाई जाएगी। हालांकि 19 अक्टूबर की रात का खास महत्व था क्योंकि 20 अक्टूबर को रात 8:28:57 पर पूर्णिमा समाप्त हो जाएगी।
 
 
1. यदि आपने व्रत का संकल्प ले रखा है तो पूर्णिमा की समाप्ति पर ही पारण होगा।
 
2. पूर्णिमा की रात को रखी गई खीर या दूध का आज सेवन कर सकते है।
 
3. आज के दिन सभी को खीर का प्रसाद वितरित करें।
 
4. पूर्णिमा व्रत की कथा सुनें। कथा से पूर्व एक लोटे में जल और गिलास में गेहूं, पत्ते के दोने में रोली व चावल रखकर कलश की वंदना करें और दक्षिणा चढ़ाएं।
 
5. यदि आपने कल के चंद्रमा का पूजन नहीं किया है तो आज रात को निकले वाले चंद्रमा का पूजन कर सकते हैं। अंत में सभी देवी देवताओं की पूजा आरती करें।
 
6. रात्रि के समय गाय के दूध से बनी खीर में घी और चीनी मिलाकर अपने ईष्‍टदेव को भोग लगाएं। इसके बाद रात्रि में चंद्रदेव का पूजन करें तथा उन्हें खीर का भोग अर्पण करें। कहते हैं कि सफल दाम्पत्य जीवन के लिए पूर्णिमा के दिन पति-पत्नी दोनों को ही चन्द्रमा को दूध का अर्ध्य अवश्य ही देना चाहिए। इससे दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है।
 
7. किसी भी विष्णु लक्ष्मी मंदिर में जाकर इत्र और सुगन्धित अगरबत्ती अर्पित करनी चाहिए और धन, सुख समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी से अपने घर में स्थाई रूप से निवास करने की प्रार्थना करें। 
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