webdunia

Select Your Language

Notifications

webdunia

आश्चर्य! यहां के शिवलिंग का आकार लगातार बढ़ रहा है...

Widgets Magazine
कहते हैं आज से लगभग सौ साल पहले जब एक गांव था और यहां यातायात के अच्छे साधन नहीं थे, उस समय गौरीशंकर पंडित नामक व्यक्ति महाकाल के परम भक्त थे। वे रोज सुबह महाकाल के दर्शन करने के बाद ही अन्न ग्रहण करते थे। उनका यह नियम अटूट था। एक बार मूसलधार बारिश होने के कारण देवास-उज्जैन मार्ग का नाला उफन गया और वे उज्जैन नहीं जा पाए।
'अपने आराध्य के दर्शन नहीं कर पाने के कारण गौरीशंकरजी ने अन्न-जल त्याग दिया। इस बार बारिश ने रुकने का नाम नहीं लिया और गौरीशंकर जीवन के अंतिम क्षण गिनने लगे। वे मृत्यु के करीब ही थे कि तभी उन्हें भोलेशंकर ने दर्शन दिए और वरदान मांगने को कहा। गौरीशंकर ने प्रभु से नित्य दर्शन का वरदान मांगा। प्रभु ने आशीर्वाद दिया कि जहां भी वे पांच बिल्वपत्र रखेंगे वहीं महाकाल प्रकट होंगे।'
 
इस संयोग के बाद ही देवास के इस टीले पर स्वयंभू भगवान प्रकट हुए। ग्रामीणों ने यहां मंदिर का निर्माण करवा दिया। उसके बाद यह मंदिर जनआस्था का केंद्र बन गया। इस संयोग के कुछ साल बाद लोगों ने महसूस किया कि मंदिर में स्थापित शिवलिंग लगातार बढ़ रहा है। तब इसे चमत्कार माना जाने लगा। यहां आने वाले लोगों का दावा है कि शिवलिंग शिवरात्रि के दिन एक तिल बढ़ जाता है। 
 
इस मंदिर की सेवा समिति के सदस्य भीमसिंह पटेल बताते हैं कि वे पिछले कई सालों से सेवा समिति में शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने लगातार इस शिवलिंग को बढ़ते हुए देखा है। वे दावा करते हैं कि यह चमत्कारिक शिवलिंग है, जिसका आकार लगातार बढ़ रहा है। इस बात का प्रमाण देने के लिए उन्होंने हमें शिवलिंग का पुराना फोटो दिखाया। पीले पड़ चुके इस फोटो में शिवलिंग का आकार वर्तमान के शिवलिंग के आकार से छोटा लग रहा था।
 
यहां का शिवलिंग लगातार बढ़ रहा है। इस बात को हम सिर्फ तस्वीर के आधार पर सही नहीं ठहरा सकते, क्योंकि तस्वीर से शिवलिंग के अतीत की ऊंचाई का सही पता नहीं चलता है। वैसे भी हमने देखा है कि कुछ लोग चमत्कार की बातें फैलाकर भोले-भाले लोगों को ठगते हैं। वैसे भी एक तिल इतना छोटा होता है कि उसे तुरंत नाप पाना संभव नहीं है।
 
साथ ही ऐसे चमत्कारों के बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि है कि कई जगह भूगर्भीय क्रियाओं के कारण भी शिवलिंग में हलकी बढ़त हो सकती है। कुछ इसी प्रकिया से समतल जगह पर कई साल बाद टीले खड़े हो जाते हैं। वहीं यहां आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि जहां आस्था की बात आती है, वहां शक की गुंजाइश नहीं रहती।
Read more on : बिलावली शिवलिंग देवास महाकालेश्वर मंदिर बिलावली देवास मध्य प्रदेश Bilawali Shivling Mahakaleshwar Shivling In Dewas