webdunia
  1. लाइफ स्‍टाइल
  2. नन्ही दुनिया
  3. कविता
  4. poem on roti

बाल गीत : रोटी कहां छुपाई

Funny Poem on Kids
Roti poem

रोटी कहां छुपाई
लगे देखने टेलीविजन,
चूहे घर के सारे।
देख रोटियां परदे पर,
उछले खुशियों के मारे।
 
सोच रहे थे एक झपट्टे,
में रोटी लें बीन।
लेकिन बिजली बंद हुई तो,
रोटी हुई विलीन।
 
लिए कई फेरे टीवी के,
बड़ा गजब है भाई।
बिजली बंद हुई, टीवी ने
रोटी कहां छुपाई?

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
ये भी पढ़ें
WHO का दावा जल्‍द खत्‍म नहीं होगी महामारी, कोविड का अगला वैरिएंट और भी अधिक संक्रामक

( ! ) Warning: Unknown: Write failed: No space left on device (28) in Unknown on line 0

( ! ) Warning: Unknown: Failed to write session data (files). Please verify that the current setting of session.save_path is correct (/var/lib/php/sessions) in Unknown on line 0