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Hanuman Jayanti 2026: हनुमानजी को बेहद प्रिय हैं ये 7 भोग, पूजा में जरूर लगाएं

hanuman bhog and prasad
Hanuman Bhog: हनुमान जी को 'संकटमोचन' के साथ-साथ 'भक्तवत्सल' भी कहा जाता है। उन्हें प्रसन्न करने के लिए श्रद्धा भाव से अर्पित किया गया साधारण भोग भी वे स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार कुछ चीजें उन्हें अत्यंत प्रिय हैं। यहाँ हनुमान जी के मनपसंद भोग की विस्तृत लिस्ट दी गई है।

1. बूंदी या बेसन के लड्डू

शुद्ध घी में बने बेसन के लड्डू हनुमान जी को बहुत प्रिय हैं। यदि आप घर पर भोग बनाना चाहते हैं, तो बेसन के लड्डू एक उत्तम विकल्प हैं। हालांकि हनुमानजी को बूंदी के लड्डू भी प्रिय है। बूंदी के दाने मंगल ग्रह का प्रतीक माने जाते हैं और इनका लाल या पीला रंग हनुमान जी को बहुत भाता है। किसी भी मंदिर में मुख्य रूप से इसी का प्रसाद चढ़ाया जाता है।
 

2. रोट या मीठी पूरी

हनुमान जयंती या विशेष मन्नत पूरी होने पर कई भक्त 'रोट' चढ़ाते हैं। यह गेहूं के आटे, गुड़ और घी से बना एक मोटा और बड़ा पराठा जैसा होता है जिसे कंडे (उपले) की आंच पर सेंका जाता है।
 

3. चूर्मा

राजस्थान और उत्तर भारत में हनुमान जी को दाल-बाटी और चूर्मा का भोग लगाने की विशेष परंपरा है। घी, गुड़ और सूखे मेवों से बना चूर्मा उनका मनपसंद भोग माना जाता है।
 

4. इमरती और जलेबी

हनुमान जी को मीठी चीजें बहुत पसंद हैं। विशेषकर केसरिया रंग की इमरती या शुद्ध घी की जलेबी का भोग लगाने से वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

5. गुड़ और भुने हुए चने

यह सबसे सरल और शक्तिशाली भोग माना जाता है। मंगल दोष की शांति के लिए और हनुमान जी की त्वरित कृपा पाने के लिए मंगलवार को गुड़-चना चढ़ाना श्रेष्ठ है। अक्सर चने और गुड़ का भोग लगाया जाता है।
 

6. मलाई मार के दूध या पंचामृत

हनुमान जी को केसर मिला हुआ गाढ़ा दूध या शहद, घी, दही, दूध और शक्कर से बना पंचामृत भी अर्पित किया जाता है। यह भी उन्हें बहुत पसंद है। 

7. पान का बीड़ा:

भोग लगाने के बाद हनुमानजी को पान का बीड़ा जरूर अर्पित करें। यह उन्हें बहुत प्रिय है। यदि आप बहुत बड़ी मुसीबत में हैं, तो हनुमान जी को बनारसी पान (बीड़ा) अर्पित करें। इसमें कत्था, गुलकंद, सौंफ और इलायची होनी चाहिए (सुपारी और तंबाकू नहीं)। इसे 'बीड़ा उठाना' कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि अब हनुमान जी आपके संकट को दूर करने का उत्तरदायित्व उठाएंगे।
 

भोग लगाते समय इन 3 बातों का विशेष ध्यान रखें:

तुलसी दल: ऐसी मान्यता है कि बिना तुलसी के पत्ते के हनुमान जी किसी भी भोग को स्वीकार नहीं करते। इसलिए हर प्रसाद के ऊपर एक तुलसी का पत्ता जरूर रखें।
शुद्धता: भोग हमेशा शुद्ध घी में बना होना चाहिए और रसोई पूरी तरह स्वच्छ होनी चाहिए।
सात्विकता: भोग में भूलकर भी प्याज या लहसुन का प्रयोग न करें।
 
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