अभय जी : एक युग का अवसान
शकील अख़्तर | Thursday,March 23,2023
इंदौर में पत्रकारिता, खेल और कला-संस्कृति में अभिरुचि का एक और स्तंभ ढह गया। इंदौर की पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्तर पर ...
आखिर कैसे नेताजी सुभाषचंद बोस ने अपने राष्ट्र के लिए यह सब कर दिखाया?
शकील अख़्तर | Monday,January 23,2023
नेताजी भारत को आजाद कराने के अपने संघर्ष में लगातार वक्त के मुताबिक रणनीतियां बना रहे थे, जब उन्हें लगा कि जर्मनी में ...
सौ साल पहले भारत की आज़ादी का वो संघर्ष और नेताजी की वैश्विक दृष्टि
शकील अख़्तर | Monday,January 23,2023
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की दृष्टि कितनी वृहद थी, उनकी सोच कितनी व्यापक थी, आज यह सब सोचकर हैरानी होती है। सोचिए आज से सौ ...
किसी फ़रिश्ते से कम नहीं थे ग़ज़ल गायक स्व. जगजीत सिंह : राजेश बादल
शकील अख़्तर | Sunday,October 16,2022
जगजीत सिंह के निधन के बाद उनके जन्म स्थान श्री गंगानगर में हज़ारों घरों में चूल्हे तक नहीं जले। सौ से ज्यादा शोक सभाएं ...
होश खो देने से पहले होशियार, किलर नंबर 1 है शराब - डॉ. अभय बंग
शकील अख़्तर | Tuesday,October 4,2022
महात्मा गांधी कहा करते थे, ‘अगर मुझे एक दिन के लिए डिक्टेटर बना दिया जाए तो मैं बिना मुआवज़े के शराब की सारी दुकानें ...
आज़ादी के 75वें साल में यह क्या हो रहा है?
शकील अख़्तर | Tuesday,April 19,2022
इस साल हम आज़ादी का 75वां साल मना रहे हैं। इस अमृत महोत्सव में हम उत्सव के किस दौर से गुज़र रहे हैं, यह बताने की ज़रूरत ...
बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल : 'नॉट टुडे' और 'मेप्पाडियन' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार
शकील अख़्तर | Thursday,March 24,2022
दर्शकों की लंबी-लंबी कतारें। 11 पीवीआर सहित कुल 13 स्क्रीन्स पर बेहतरीन फिल्मों का प्रदर्शन। 55 देशों की 200 से अधिक ...
सिर्फ़ 32 दिनों में बेंगलुरु इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल कैसे हुआ आयोजित, बता रहे हैं फेस्टिवल निदेशक सुनील पुराणिक
शकील अख़्तर | Wednesday,March 16,2022
किसी भी अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह को व्यवस्थित रूप से आयोजित करने के लिए कम से कम 6 महीने तक निरंतर तैयारी की ज़रूरी ...
कोरोना समय की बहुत-सी कहानियों पर काम करना है : प्रो. वामन केंद्रे
शकील अख़्तर | Monday,December 27,2021
हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा कालिदास सम्मान दिए जाने की घोषणा हुई है। कालिदास सम्मान मिलने पर ...
भाषा वही चलेगी जो सबको ठीक लगेगी : साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय
शकील अख़्तर | Wednesday,October 6,2021
नर्मदा प्रसाद उपाध्याय हिन्दी का ऐसा नाम हैं जिन्हें साहित्य,कला और संस्कृति के विभिन्न अनुशासनों में अध्ययन और ...