सिंहस्थ में क्षिप्रा के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
Publish Date: Mon, 2 May 2016 (17:10 IST)
Updated Date: Mon, 2 May 2016 (17:14 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ मेले में आ रहे श्रद्धालुओं के लिए जलस्तर कम न हो, इस पर प्रशासन द्वारा सतत नजर रखी जा रही है। स्नान एवं डुबकी लगाने के लिए पानी का स्तर चार फीट अर्थात 120 सेंटीमीटर रखा गया है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु अधिक गहरे पानी में स्नान के लिए न जाएं, इसके लिए बेरिकेड्स लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं को डूबने से बचाने के लिए मोटरबोट, गोताखोर आदि के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। क्षिप्रा नदी में पानी को शुद्ध रखने का कार्य लगातार जारी है। शाही स्नान पर पुराने पानी को बहाकर नया पानी क्षिप्रा में प्रवाहित करने की व्यवस्था की गई है।
क्षिप्रा नदी का किनारा श्रद्धालुओं के स्नान के लिए सजाया-संवारा गया है। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए दोनों किनारों पर लगभग 8 किलोमीटर लम्बाई में घाट उपलब्ध है। नदी में शुद्ध जल से स्नान के लिए खान नदी डायवर्सन योजना पर काम किया गया है।
लगभग 19 किलोमीटर लम्बाई में ग्राम पिपल्याराघौ से निकालकर खान नदी को पाइप लाइन के जरिए कालियादेह महल के आगे क्षिप्रा से जोड़ा गया है। इस तरह त्रिवेणी के आगे भूखी माता, रामघाट और मंगलनाथ क्षेत्र के सभी घाटों पर क्षिप्रा का शुद्ध जल प्रवाहित हो रहा है। (वार्ता)