Shradh parva 2019 : सिर्फ इन 4 सरल मंत्रों से भी प्रसन्न हो सकते हैं पितृ, जानिए प्रयोग
Published: Tue, 10 Mar 2026 (10:40 IST)
Updated: Tue, 10 Mar 2026 (10:49 IST)
श्राद्ध में पढ़ें 4 पवित्र प्रयोज्य मंत्र
हमारे धार्मिक कार्यों की पूर्णता बगैर मंत्र तथा स्तोत्र के नहीं होती है। श्राद्ध में भी इनका विशेष महत्व है। स्तोत्र कई हैं। दो का उल्लेख पर्याप्त होगा। पहला है पुरुष सूक्त तथा दूसरा है पितृ सूक्त।
इनके उपलब्ध न होने पर निम्न मंत्रों के प्रयोग से कार्य की पूर्णता हो सकती है।
1. ॐ कुलदेवतायै नम: (21 बार) ।
2. ॐ कुलदैव्यै नम: (21 बार) ।
3. ॐ नागदेवतायै नम: (21 बार) ।
4. ॐ पितृ दैवतायै नम: (108 बार) ।
इनका प्रयोग कर पितरों को प्रसन्न कर समस्याओं से निजात पाई जा सकती है। ब्राह्मण भोजन के लिए ब्राह्मण को बैठाकर पैर धोएं तथा भोजन कराएं। संकल्प पहले लें तथा ब्राह्मण को भोजन करवाकर दक्षिणा दें, वस्त्रादि दें। यदि शक्ति सामर्थ्य हो तो गौ-भूमि दान दें। न हो तो भूमि गौ के लिए द्रव्य दें। इनका भी संकल्प होता है।