webdunia

Select Your Language

Notifications

webdunia
  1. धर्म-संसार
  2. धर्म-दर्शन
  3. पौराणिक कथाएं
  4. devuthani Ekadashi katha

देव उठनी एकादशी पर सुनी जाती है सत्यभामा की यह कथा

देवउठनी एकादशी कथा
भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी सत्यभामा को अपने रूप पर बड़ा गर्व था। वे सोचती थीं कि रूपवती होने के कारण ही श्रीकृष्ण उनसे अधिक स्नेह रखते हैं। एक दिन जब नारदजी उधर गए तो सत्यभामा ने कहा कि आप मुझे आशीर्वाद दीजिए कि अगले जन्म में भी भगवान श्रीकृष्ण ही मुझे पति रूप में प्राप्त हों। 
 
नारदजी बोले, 'नियम यह है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी प्रिय वस्तु इस जन्म में दान करे तो वह उसे अगले जन्म में प्राप्त होगी। अतः आप भी श्रीकृष्ण को दान रूप में मुझे दे दो तो वे अगले जन्मों में जरूर मिलेंगे।' 
 
सत्यभामा ने श्रीकृष्ण को नारदजी को दान रूप में दे दिया। जब नारदजी उन्हें ले जाने लगे तो अन्य रानियों ने उन्हें रोक लिया। 
 
इस पर नारदजी बोले, 'यदि श्रीकृष्ण के बराबर सोना व रत्न दे दो तो हम इन्हें छोड़ देंगे।'
 
तब तराजू के एक पलड़े में श्रीकृष्ण बैठे तथा दूसरे पलड़े में सभी रानियां अपने−अपने आभूषण चढ़ाने लगीं, पर पलड़ा टस से मस नहीं हुआ। यह देख सत्यभामा ने कहा, यदि मैंने इन्हें दान किया है तो उबार भी लूंगी। यह कह कर उन्होंने अपने सारे आभूषण चढ़ा दिए, पर पलड़ा नहीं हिला। वे बड़ी लज्जित हुईं। 
 
सारा समाचार जब रुक्मिणी जी ने सुना तो वे तुलसी पूजन करके उसकी पत्ती ले आईं। उस पत्ती को पलड़े पर रखते ही तुला का वजन बराबर हो गया। नारद तुलसी दल लेकर स्वर्ग को चले गए। रुक्मिणी श्रीकृष्ण की पटरानी थीं। तुलसी के वरदान के कारण ही वे अपनी व अन्य रानियों के सौभाग्य की रक्षा कर सकीं। 
 
तब से तुलसी को यह पूज्य पद प्राप्त हो गया कि श्रीकृष्ण उसे सदा अपने मस्तक पर धारण करते हैं। एकादशी को तुलसीजी का विशेष व्रत व पूजन किया जाता है।
 
विशेष : इस साल 2020 में देवोत्थान एकादशी के दिन रवि योग के साथ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो इस दिन की महत्ता को दर्शाता है।

यह अत्यंत शुभ योग होता है और शुभ कार्यों की सिद्धि प्रदान करता है।

यह योग शुभ कार्यों के लिए उत्तम मुहूर्त होता है।

देवउठनी एकादशी का आरंभ सर्वार्थसिद्धि योग से हो रहा है, रवि योग और सिद्धि योग भी इसी दिन बन रहा है, यह बेहद दुर्लभ संयोग है।
ये भी पढ़ें
Fashion Tips: क्या आप जानते हैं लेगिंग्स पहनने का सही तरीका, जरूर जानें