डिजीलॉकर में रखा डिजिटल आधार, ड्राइविंग लाइसेंस पहचान पत्र के तौर पर स्वीकार करेगा रेलवे
Published: Tue, 10 Mar 2026 (10:40 IST)
Updated: Tue, 10 Mar 2026 (10:49 IST)
नई दिल्ली। ट्रेन में यात्रा के दौरान अपना पहचान पत्र गुम होने को लेकर अगर आप चिंतित हैं तो अब आपको इसे लेकर फिक्र करने की जरूरत नहीं है। रेलवे ने कहा है कि वह अब आपके आधार और ड्राइविंग लाइसेंस की सॉफ्ट प्रतियां स्वीकार करेगा, बशर्ते वह डिजीलॉकर में स्टोर हो। डिजीलॉकर सरकार द्वारा संचालित एक डिजिटल स्टोरेज सेवा है जिसमें भारतीय नागरिक क्लाउड पर अपने कुछ आधिकारिक दस्तावेज स्टोर कर सकते हैं।
रेलवे ने अपने सभी जोनल मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को सूचित किया है कि ऐसी सेवा के लिए इन दो पहचान प्रमाणों को यात्री के वैध पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि अगर एक यात्री अपने डिजीलॉकर एकाउंट में लॉगइन करके जारी दस्तावेज सेक्शन से आधार या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाता है, तो इसे एक वैध पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
हालांकि इसमें स्पष्ट किया गया है कि यात्री द्वारा खुद से अपलोड दस्तावेज, जो कि अपलोड दस्तावेज सेक्शन में है, उसे यात्री के वैध प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नरेन्द्र मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत वर्तमान समय में डिजीलॉकर में डिजिटल लाइसेंस और आधार स्टोर किया जा सकता है। क्लाउड आधारित सेवा ने छात्रों को मार्कशीट का डिजिटल संस्करण देने के लिए सीबीएसई के साथ भी करार किया था। उपभोक्ता डिजीलॉकर से अपने स्थायी खाता संख्या (पैन) को भी जोड़ सकते हैं। (भाषा)