Mahavir Jyanati 2020 : आत्मा के बारे में भगवान महावीर के उपदेश
Published: Tue, 10 Mar 2026 (10:40 IST)
Updated: Tue, 10 Mar 2026 (10:49 IST)
भगवान महावीर ने विभिन्न विषयों पर दुनिया के लोगों के लिए संदेश दिए हैं। जिन्हें हम महावीर के उपदेश के नाम से जानते हैं। यहा हमने महावीर स्वामी आत्मा पर दिए गए उपदेश प्रस्तुत कर रहे हैं। आप भी जानिए क्या कहते हैं भगवान महावीर-
॥ आत्मा ॥
अप्पाणमेव जुज्झाहि, किं ते जुज्झेण बज्झयो।
अप्पाणमेव अप्पाणं, जइत्ता, सुहमेह ए॥
महावीर जी कहते हैं- हे पुरुष, तू आत्मा के साथ ही युद्ध कर। बाहरी शत्रुओं के साथ किसलिए लड़ता है? आत्मा द्वारा ही आत्मा को जीतने से सच्चा सुख मिलता है।
अप्पा कत्ता विकत्ता य, दुक्खाण य सुहाण य।
अप्पा मित्तममित्तं च, दुप्पट्ठिय सुपट्ठिओ।
आत्मा स्वयं ही दुःख तथा सुखों को उत्पन्न तथा नाश करने वाली है। सन्मार्ग पर चलने वाली सदाचारी आत्मा मित्र रूप है जबकि कुमार्ग पर चलने वाली दुराचारी आत्मा शत्रु।
जो सहस्सं सहस्साणं, संगामे दुज्जए जिए।
एगं जिणेज्ज अप्पाणं, एस से परमो जओ॥
महावीर जी कहते हैं दस लाख शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने से तो अच्छा है अपनी आत्मा पर ही विजय प्राप्त करें और यही श्रेष्ठ विजय भी है।