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दशहरे तक नहीं मिलेगी बारिश से राहत, एमपी में सामान्य से 40 फीसदी अधिक बारिश

Madhya Pradesh
देश के कई राज्यों बारिश इस बार आफत की बारिश बन गई। गुजरात से लेकर बिहार तक बारिश और बाढ़ की चपेट में है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार में लगातार बारिश होने से आमजनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इन चारों ही राज्यों में लगातार हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर है तो अब सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। अगर बात मध्य प्रदेश की करें तो प्रदेश में अब सामान्य से 40 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है जोकि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। 
दशहरे तक नहीं मिलेगी राहत- मध्य प्रदेश में इस बार लेट से आया मानूसन ऐसा सक्रिय हुआ कि लगभग पूरा प्रदेश बाढ़ की चपेट में आ गया है। मानूसन के इस सीजन में मध्य प्रदेश के लगभग 40 जिले बाढ़ और भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित रहे।

हालात इस कदर खराब हुए कि सितंबर खत्म होने तक प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में है। वेबदुनिया से बातचीत में मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पीके साह कहते हैं कि लगातार जिस तरह सिस्टम एक्टिव हो रहे है उससे लोगों को दशहरे तक बारिश से कोई बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं है। वह कहते हैं कि एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश में 8-10 अक्टूबर तक इस बार पूरे प्रदेश में गरज चमक के साथ बारिश होती रही है।
 
मानसून नहीं हुआ ब्रेक - मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पीके साह के मुताबिक इस बार प्रदेश में मानसून ने जब से दस्तक दी है तब से एक बार केवल मानसून ब्रेक हुआ है। साह ने कहा कि मानसून के ब्रेक नहीं होने के चलते लगातार और इतनी अधिक बारिश हुई है।

पीके साह के मुताबिक इस बार प्रदेश में कई मानूसन सिस्टम एक साथ एक्टिव होने के चलते इतनी अधिक बारिश हुई है। मानसून के इस सीजन में मध्य प्रदेश में केवल शहडोल से सामान्य से कम बारिश हुई है इसके भी आने वाले दिनों में सामान्य हो जाने की संभावना है। मध्य प्रदेश में मामूली राहत मिलने के बाद बारिश का दौर शुरु होने के कारण उत्तर प्रदेश से लगे क्षेत्र में सिस्टम का एक्टिव होना है।
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