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इंदौर में दूध-सब्जी के लिए प्रशासन ने कमर कसी

Last Modified Friday, 2 June 2017 (00:21 IST)
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इंदौर। फसलों की सही कीमत न मिलने और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ गुरुवार से शुरू हुए असहयोग आंदोलन के तहत में सुबह की टंकियां सड़कों पर ढोली गई और सब्जियां रौंदी गई। किसानों ने मंडियों में जबरन कारोबार बंद करवाया। जगह जगह विवाद और झगड़ों के बाद बेहद सतर्क हो गया है। मंडियों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। शुक्रवार के लिए भी  जिला प्रशासन ने इससे निपटने के लिए तैयारी कर ली है। 
 
गुरुवार को कुछ लोगों ने मिलकर बड़ा बांगड़दा में 12 केन दूध सड़कों पर ढोला...इसके बाद शहरवासियों की चिंता बढ़ गई है कि शुक्रवार को न जाने कैसे हालात होंगे? क्या उन्हें दूध और सब्जी जैसी आवश्यक वस्तुओं से महरूम होना पड़ेगा? आशंका यह भी है कि उग्र किसान इंदौर आने वाले दूध के वाहनों और सब्जियों को रोकने की कोशिश करेंगे।  
दूध-सब्जी जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता आम जनता तक पहुंचाने को लेकर जिला प्रशासन प्रतिबद्ध। जिलाधीश पी नरहरि ने कहा शहर की आम जनता से अपील की है कि वह अफवाहों में न आएं। सांची पॉइंट पर दूध उपलब्ध रहेगा। सब्जी व दूध जनता तक पहुचाने वाले किसानों को सुरक्षा देने के इंतजाम किए गए। जिला प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं के संबध में तमाम व्यवस्था करते हुए निर्देश जारी किए है जनता को घबराने की जरूरत नही।
 
किसानों का अपना दर्द : किसानों के विरोध प्रदर्शन से इंदौर की देवी अहिल्याबाई फल-सब्जी मंडी और संयोगितागंज अनाज मंडी समेत पश्चिमी मध्यप्रदेश की प्रमुख मंडियों में कारोबार पर बुरा असर पड़ा। किसानों ने मंडियों के भीतर कारोबारी प्रतिष्ठानों के सामने हंगामा भी किया।

किसानों के आंदोलन की अगुवाई कर रहे संगठनों में शामिल मध्यप्रदेश किसान सेना के सचिव जगदीश रावलिया कहा कि हमने सोशल मीडिया पर इस आंदोलन का आह्वान किया था और इससे किसान अपने आप जुड़ते चले गए। प्रदेश की मंडियों में भाव इस तरह गिर गए हैं कि सोयाबीन, तुअर (अरहर) और प्याज उगाने वाले किसान अपनी खेती का लागत मूल्य भी नहीं निकाल पा रहे हैं।
 
महाराष्ट्र में भी किसानों की हड़ताल : महाराष्ट्र में भी किसानों की हड़ताल गुरुवार से शुरू हुई, जिस दौरान कई जगह हालात तनावपूर्ण होने के समाचार हैं। समाचारों के अनुसार किसानों ने मुंबई व अन्य शहरों को दूध व सब्जियों की आपूर्ति बाधित करने का प्रयास किया।
 
किसान कृषि ऋण माफी सहित अपनी विभिन्न मांगों पर जोर दे रहे हैं। नासिक जिले के येवला में कफ्र्यू लगा दिया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलनरत किसानों से बातचीत की इच्छा जताई है।
 
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