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उम्र का 16वां साल बृहस्पति का साल, जानिए क्या होगा

Lal kitab
जन्म से लेकर 48 वर्ष की उम्र तक सभी ग्रहों का उम्र के प्रत्येक वर्ष में अलग-अलग प्रभाव होता है। उनमें से 9 ऐसे विशेष वर्ष होते हैं, जो ग्रह से संबंधित वर्ष माने गए हैं जिन पर उस ग्रह का शुभ या अशुभ प्रभाव विशेष रूप से रहता है। लाल किताब अनुसार कौन-सा ग्रह उम्र 16वें वर्ष में कौनसा ग्रह विशेष फल देता है इससे संबंधित जानकारी प्रस्तुत है।
 
 
1. लाल किताब के अनुसार उम्र के 16 से 24 वर्ष के बीच बृहस्पति ग्रह अर्थात गुरु का प्रभाव जीवन पर रहता है।
 
2. उम्र का 16वां साल बृहस्पति का साल माना गया है। यही उम्र बिगड़ने की और यही उम्र सुधरने की है।
 
3. बृहस्पति यदि चतुर्थ भाव में स्थित है तो 16वें वर्ष में व्यक्ति शिक्षा के क्षेत्र में लाभ पाता है।
 
4. बृहस्पति यदि छठे भाव में है तो शिक्षा में हानि संभव हो सकती है।
 
5. इस उम्र में सर्दी, खांसी और जुकाम से बचना चाहिए। नाक को साफ सुथरा रखना चाहिए। इससे बृहस्पति के अच्छे फल मिलते हैं।
 
6. इस उम्र में माथे पर केसर या चंदन का तिलक लगाना चाहिए और झूठ नहीं बोलना चाहिए।
 
7. पीपल की जड़ में नित्य नहीं तो कम से कम गुरुवार को जल चढ़ाना चाहिए। 
 
8. इस उम्र में विशेष तौर पर माता-पिता और गुरु का कहना मानना चाहिए और बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए।
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