webdunia
  1. लाइफ स्‍टाइल
  2. साहित्य
  3. काव्य-संसार
  4. Narmada River

मां नर्मदा पर कविता : मां आशुतोषी

Poem on Narmada River
आदि माता नर्मदे आत्मपोषी।
मां आशुतोषी मां आशुतोषी।
 
उमारूद्रांगसंभूता, हे पावन त्रिकूटा।
ऋक्षपादप्रसूता, रेवा, चित्रकूटा।
सर्व पाप विनिर्मुक्ता, हे नर्मदे
 
पुण्य संगम, पारितोषी।
मां आशुतोषी, मां आशुतोषी।
 
दशार्णा, शांकरी, मुरन्दला।
इन्दुभवा, तेजोराशि, चित्रोत्पला।
दुर्गम पथ गामनी, हे नर्मदे, 
 
महार्णवा, मुरला, सुपोषी।
मां आशुतोषी, मां आशुतोषी।
 
विदशा, करभा, विपाशा।
रंजना, मुना, सुभाषा।
अमल शीतल सतत, हे नर्मदे।
 
अविराम, सुपथ, शत कोषी।
मां आशुतोषी, मां आशुतोषी।
 
विमला, अमृता, शोण, विपापा।
महानद, मंदाकिनी, अपापा।
नील धवल जल, हे नर्मदे।
 
रम्य अहिर्निश, सहस्त्र कोशी।
मां आशुतोषी, मां आशुतोषी।
 
ये भी पढ़ें
वेलेंटाइन डे का इतिहास और ऐसे 10 दिलचस्प तथ्य जो आपको जानना चाहिए

( ! ) Warning: Unknown: Write failed: No space left on device (28) in Unknown on line 0

( ! ) Warning: Unknown: Failed to write session data (files). Please verify that the current setting of session.save_path is correct (/var/lib/php/sessions) in Unknown on line 0