World Brain Tumour Day क्यों मनाया जाता है? क्या हैं ब्रेन ट्यूमर के लक्षण?
Published: Tue, 10 Mar 2026 (10:40 IST)
Updated: Tue, 10 Mar 2026 (10:49 IST)
World Brain Tumor Day 2023
स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि "एक नियंत्रित और शांत मन संसार में सबसे शक्तिशाली होता है, ऐसे मन के सामने संपूर्ण ब्रह्मांड नतमस्तक हो जाता है।" दरअसल हमारे शरीर से भी ज्यादा जरूरी हमारा दिमाग है। हमारे दिमाग के बिना हमारा शरीर सिर्फ एक जिंदा लाश की तरह है। साथ ही आज के समय में मेंटल हेल्थ से जुडी बीमारियां भी काफी बढ़ रही है। इन बिमारियों में सबसे गंभीर बीमारी ब्रेन ट्यूमर की है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ कैंसर रेजिस्ट्रीज के अनुसार भारत में हर साल 28 हज़ार ब्रेन ट्यूमर के केस दर्ज किए जाते हैं। ब्रेन ट्यूमर के बढ़ते केस को देखते हुए हर साल 8 जून को वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे (world brain tumor day) मनाया जाता है। चलिए जानते है इस दिवस से जुडी सारी जानकारी के बारे में............
क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे?
हर साल वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे 8 जून को मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत जर्मन ब्रेन ट्यूमर असोसिएशन द्वारा की गई थी। इस दिवस के ज़रिए लोगों में ब्रेन ट्यूमर की जागरूकता बढ़ाना और उन्हें इस गंभीर बीमारी के प्रति शिक्षित करना है। विश्व में ब्रेन ट्यूमर के प्रति कई मिथ हैं और सामान्य जानता को इस बीमारी की बेसिक नॉलेज भी नहीं है। इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए इस दिवस की शुरुआत की गई थी।
क्या होता है ब्रेन ट्यूमर?
ब्रेन ट्यूमर की बीमारी में आपके दिमाग में सेल ग्रो करते हैं। ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन टिश्यू या उसके आस-पास होता है। ब्रेन ट्यूमर होने की दो वजह हो सकती है। अगर आपके दिमाग में ब्रेन ट्यूमर अपने आप बनने लगे तो वो प्राइमरी ब्रेन ट्यूमर कहलाता है। दूसरी तरफ अगर शरीर से कैंसर दिमाग में पहुंचने लगे तो वो सेकेंडरी ब्रेन ट्यूमर कहलाता है। इस तरह के ब्रेन ट्यूमर को मेटास्टैटिक ब्रेन ट्यूमर भी कहते हैं। इसके साथ ही कई प्रकार के ब्रेन ट्यूमर होते है और उनमें से कई ब्रेन ट्यूमर कैंसर का कारण नहीं होते हैं। ब्रेन ट्यूमर का साइज बहुत छोटा या बहुत बड़ा भी हो सकता है।
क्या हैं ब्रेन ट्यूमर के लक्षण?
1. सुबह उठते समय सिर दर्द होना या सिर भारी लगना।
2. लगातार सिर दर्द होना और अत्यधिक दर्द होना।
3. चक्कर या उलटी आना।
4. आंखों की समस्या होना।
5. अपने शरीर का बैलेंस बनाने में समस्या होना।
6. मेमोरी वीक होना और जल्दी थकान होना।
7. अत्यधिक भूक लगना या वज़न बढ़ना।
8. माइग्रेन या टेंशन सिर दर्द होना।