Ground Report : Lockdown ने बिगाड़ा संतरे का स्वाद, किसान बदहाल
Publish Date: Sat, 4 Apr 2020 (17:06 IST)
Updated Date: Sat, 4 Apr 2020 (17:09 IST)
मध्यप्रदेश में नीमच मिनी नागपुर के नाम से जाना जाता है। यहां करीब 3 हजार हेक्टेयर में संतरे की खेती होती है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के कारण संतरे के भाव औंधे मुंह गिर पड़े है।
यह समय संतरे की बिकावली के लिए सबसे पीक सीज़न माना जाता है, इस समय संतरा 20 से 30 रुपए किलो बिकता था, लेकिन आज संतरे का भाव मात्र 10 रूपए किलो है।
नीमच जिले में जीरन, जेसिंगपुरा और रामपुरा बेल्ट में संतरे की जमकर पैदावार होती है। यह वह समय है जब यहां यूपी, दिल्ली और तमिलनाडु के संतरा व्यापारी संतरा खरीदने आते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते इस बार वे नहीं आए जिससे किसानों को संतरे का ऊंचा भाव नहीं मिल रहा। ऐसे में संतरा किसान अब सीएम शिवराज की तरफ निहार रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें सरकार मदद करे।
इस बारे में जब हमने नीमच के जेसिंगपुरा के संतरा किसान प्रेम पाटीदार से बात की तो उनका कहना था कि पहले तो बेमौसम बारिश ने संतरा किसानों को नुकसान में डाला क्योंकि आंधी चलने से संतरे टूटकर गिर गए और उसके बाद इस लॉकडाउन ने संतरा किसानों की कमर तोड़ दी।
लॉकडाउन में अन्य राज्यों से आने वाले संतरा खरीदार नहीं आए जिससे संतरे का भाव 10 रुपए किलो रह गया, जबकि इस समय संतरा 20 से 30 रुपए किलो बिकता है।
जब हमने रामपुरा के संतरा किसान इशाक शेख से बात की तो उन्होंने कहा कि बाहर के व्यापारी संतरे का बगीचा खरीद लेते हैं, लेकिन इस बार संतरा स्थानीय बाज़ार में ही बिक रहा है। फिर लॉक डाउन के कारण परिवहन भी बंद है। इसलिए संतरा बाहर कैसे भेजें। इसके कारण संतरे का भाव गिर गया।
एक अन्य संतरा किसान बाबूलाल धाकड़ जेसिंगपुरा ने कहा कि कई जगह अभी संतरा पेड़ों पर ही लगा है और खराब होकर नीच गिर रहा है क्योंकि भाव अच्छे नहीं मिल रहे हैं।
इस मामले में जब हमने नीमच के विधायक दिलीपसिंह परिहार से बात की तो उनका कहना था कि मैं जल्दी ही मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की जानकारी में यह बात लाऊंगा और किसानों की हरसंभव मदद की जाएगी।