मार्मिक कहानी : निर्णय
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Tuesday,July 12,2022
बहू के जाने के बाद न जाने कितने रिश्तेदार आए, पर चिराग को पूर्णरूप से संभाल सके ऐसी कोई लड़की नजर नहीं आई। किसी को पैसा, ...
कोरोना काल की कहानियां : कोरोनावायरस कमजोर हो सकता है अगर आप ताकतवर हो...
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Thursday,April 15,2021
आपकी इच्छा शक्ति मजबूत होने के साथ ही परिवार का पूर्ण सहयोग, प्रेम होना चाहिए। अगर परिवार , मित्र , पड़ोसी डटकर आपके साथ ...
Ayesha Suicide Case : क्यों आयशा... क्यों?
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Tuesday,March 2,2021
तुम एक कमजोर नहीं, बहादुर लड़की थी आयशा। किसी में इतनी हिम्मत नहीं होती कि वो आत्महत्या के पहले अपने ज़ज़्बातों के तूफान ...
हिन्दी कविता : थाम हाथ मेरा...
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Saturday,June 27,2020
चल आ यार थोड़ी बात कर लेते हैं, जो भी समस्या हो जीवन की
उसे सुलझा लेते हैं
Corona Positive लोगों के प्रति अपनाएं सकारात्मक रवैया
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Monday,May 18,2020
एक वायरस ने पूरे विश्व मे हाहाकार कर रखा है। इस बीमारी की चपेट में आकर सब कुछ तबाही की ओर जा रहा है। जहां अर्थव्यवस्था ...
खुशियाँ फिर लौटेंगी एक दिन : lock down पर यह कविता दिल जीत लेगी आपका
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Wednesday,April 15,2020
ज़िन्दगी में खुशियाँ फिर लौटेंगी एक दिन
मिल बैठेंगे हम सब यार एक दिन
अदरक वाली चाय और चटपटे समोसों से
फिर गुलज़ार होगी ...
हिन्दी कविता : देह हूं मैं ...
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Wednesday,May 2,2018
देह हूं मैं
प्राणों से भरी ,
अहसासों से भरी
देह हूं मैं
जब छूते हो मुझे
मेरी अनुमति के बिना
कांप सी जाती हूं ...
वसंत उत्सव बनाम वेलेंटाइन डे : न कोई छोटा न बड़ा
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Wednesday,February 8,2017
बसंत ऋतु का प्रारंभ अपने आप में एक अजब-सी खुमारी के साथ होता है। मां सरस्वतीजी की उपासना के साथ इसका स्वागत किया जाता ...
एक कदम अखंड गणराज्य की ओर
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Monday,January 23,2017
गण+तंत्र - जनता और तंत्र (शासन-प्रशासन) या कहे जनता का तंत्र, जनता के लिए तंत्र चलिए कुछ भी कह लें, समझ लें पर यह बात ...
कविता : प्रकृति मुस्कुराएगी
डॉ. दीपा मनीष व्यास | Wednesday,June 1,2016
भौर का उजियारा हुआ देखो सुंदर धरा मुस्काई पंछी चहचहाकर निकले हरितिमा चहुंओर छाई

