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सूर्य के अशुभ होने के पूर्व मिलते हैं ये संकेत

surya graha
-ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रणयन एम. पाठक
 
ग्रह अपना शुभाशुभ प्रभाव गोचर एवं दशा, अंतरदशा व प्रत्यंतर दशा में देते हैं। जिस ग्रह की दशा के प्रभाव में हम होते हैं, उसकी स्थिति के अनुसार शुभाशुभ फल हमें मिलता है। 
 
जब भी कोई ग्रह अपना शुभ या अशुभ फल प्रबल रूप में देने वाला होता है, तो वह कुछ संकेत पहले से ही देने लगता है। इनके उपाय करके बढ़ी समस्याओं से बचा जा सकता है। ऐसे ही कुछ पूर्व संकेतों का विवरण यहां दिया जा रहा है-
 
सूर्य के अशुभ होने के पूर्व संकेत-
 
सूर्य अशुभ फल देने वाला हो तो घर में रोशनी देने वाली वस्तुएं नष्ट होंगी या प्रकाश का स्रोत बंद होगा, जैसे जलते हुए बल्ब का फ्यूज होना, तांबे की वस्तु खोना। 
 
किसी ऐसे स्थान पर स्थित रोशनदान का बंद होना जिससे सूर्योदय से दोपहर तक सूर्य का प्रकाश प्रवेश करता हो। 
ऐसे रोशनदान के बंद होने के अनेक कारण हो सकते हैं, जैसे अनजाने में उसमें कोई सामान भर देना या किसी पक्षी के घोंसला बना लेने के कारण उसका बंद हो जाना आदि।
 
सूर्य के कारकत्व से जुड़े विषयों के बारे में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 
 
सूर्य जन्म कुंडली में जिस भाव में होता है, उस भाव से जुड़े फलों की हानि करता है। 
 
यदि सूर्य पंचमेश, नवमेश हो तो पुत्र एवं पिता को कष्ट देता है। सूर्य लग्नेश हो तो जातक को सिरदर्द, ज्वर एवं पित्त रोगों से पीड़ा मिलती है। 
 
मान-प्रतिष्ठा की हानि का सामना करना पड़ता है। 
 
किसी अधिकारी वर्ग से तनाव, राज्यपक्ष से परेशानी आदि। 
 
यदि न्यायालय में विवाद चल रहा हो, तो प्रतिकूल परिणाम। 
 
शरीर के जोड़ों में अकड़न तथा दर्द। किसी कारण से फसल का सूख जाना। 
 
व्यक्ति के मुंह में अक्सर थूक आने लगता है तथा उसे बार-बार थूकना पड़ता है। 
 
सिर किसी वस्तु से टकरा जाता है। तेज धूप में चलना या खड़े रहना पड़ता है।
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