आप नहीं जानते होंगे व्रत-उपवास करने के ये शास्त्रसम्मत नियम
Published: Tue, 10 Mar 2026 (10:40 IST)
Updated: Tue, 10 Mar 2026 (10:49 IST)
* व्रत-उपवास कर रहे हैं तो पालन करें इन नियमों का...
आजकल व्रत का अर्थ ढेर सारा फलाहारी खाना और सजना-धजना, आराम करना मान लिया गया है जबकि शास्त्र में व्रत संबंधी नियम बताए गए हैं।
1. क्षमा, सत्य, दया, दान, शौच, इन्द्रिय संयम, देवपूजा, अग्निहो़त्र, संतोष तथा चोरी न करना- ये 10 नियम संपूर्ण व्रतों में आवश्यक माने गए हैं।
2. अनेक बार पानी पीने से, पान खाने से, दिन में सोने से, मैथुन करने से उपवास दूषित हो जाता है।
3. व्रत करने वाले मनुष्य को कांसे का बर्तन, मधु व पराए अन्न का त्याग करना चाहिए तथा व्रती को कीमती वस्त्र, अलंकार, सुगंधित वस्तुएं, इत्र आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए लेकिन स्वच्छ रहने को निषेध नहीं कहा गया है।