Published: Tue, 10 Mar 2026 (10:40 IST)
Updated: Tue, 10 Mar 2026 (10:49 IST)
26 दिसंबर 2019 को खंडग्रास सूर्यग्रहण है। सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण से 12 घंटे पहले 25 दिसंबर को शाम 5 बजकर 32 मिनट से शुरू हो जाएगा जिसकी समाप्ति 26 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर होगी।
जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है तब सूर्य ग्रहण लगता है। सूर्य ग्रहण की घटना अमावस्या के दिन ही घटित होती है।
साल के आखिरी महीने की शुरुआत हो चुकी है। इस महीने की 26 तारीख को सूर्य ग्रहण लगेगा। जिसका नजारा भारत में भी देखा जा सकेगा। हर साल लगभग 5 से 7 सूर्य और चंद्र ग्रहण लगते हैं। जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है तब सूर्य ग्रहण लगता है। सूर्य ग्रहण की घटना अमावस्या के दिन ही घटित होती है। इस बार सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य आग से भरी अंगूठी के आकार का दिखाई देगा। इसे वैज्ञानिकों की भाषा में वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
सूर्य ग्रहण और सूतक काल समय :
सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण से 12 घंटे पहले 25 दिसंबर को शाम 5 बजकर 32 मिनट से शुरू हो जाएगा जिसकी समाप्ति 26 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर होगी। सूतक काल में किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। यह आंशिक सूर्य ग्रहण सुबह 8.17 मिनट से शुरू होगा और इसकी समाप्ति 10:57 बजे होगी। ग्रहण की कुछ अवधि 02 घंटे 40 मिनट 06 सेकंड की होगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह ग्रहण सूर्य पौष माह की अमावस्या के दिन मूल नक्षत्र और धनु राशि में लगेगा।
सूर्य ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
मेष : परेशानियां बढ़ेंगी, धोखा मिल सकता है
वृष : वाहन चलाते समय सावधानी बरतनी होगी, आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा
मिथुन : व्यापार में नुकसान और पति-पत्नी को होगा कष्ट
कर्क : शत्रु होंगे परास्त, करियर में उन्नति
सिंह : संतान पक्ष से कष्ट, कार्यस्थल पर तनाव
कन्या : महिला पक्ष से कष्ट, कर्जों में बढ़ोतरी
तुला : मान-प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी, सिर दर्द से परेशान
वृश्चिक : निवेश से नुकसान, नए काम की शुरुआत
धनु : सेहत के लिए परेशानी भरा समय
मकर : खर्चों में बढ़ोतरी होगी
कुंभ : रूके हुए धन की वापसी
मीन : परिवार में कलह, मानसिक तनाव में बढ़ोतरी
सूर्य ग्रहण के उपाय:
इस दिन पूजा-पाठ जप, दान आदि करना विशेष रूप से श्रेष्ठ रहेगा। ग्रहण शुरू होने से तीन घड़ी और ग्रहण समाप्त होने के तीन घड़ी बाद तक भोजन नहीं करना चाहिए। सूर्य ग्रहण के बाद स्नान करना चाहिए। इस दिन रात्रि को भी गंगा, नदियों और बावड़ियों में स्नान किया जा सकता है।