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मंगल, शुक्र और शनि के त्रिकोण से दुनिया होगी हैरान, जानिए अपने देश पर प्रभाव

Russia Ukraine War
Russia Ukraine War Astrology: यूक्रेन रूस युद्ध के कारण संभावना जताई जा रही है कि आलात और चिंताजनक हो सकते हैं क्योंकि 26 फरवरी को मंगल ग्रह 27 फरवरी को 2022 को शुक्र ग्रह का मकर राशि में प्रवेश हो गया है, जहां पहले से ही शनि और बुध मौजूद हैं। मतलब यह कि कुल चार ग्रह मौजूद है, परंतु ज्योतिष मान्यता के अनुसार इन ग्रहों की युति या संगति में बुध का अपना कोई प्रभाव नहीं होता है और वैसे भी बुध ग्रह 6 मार्च के बाद कुंभ में प्रवेश कर जाएगा। ऐसे में शनि के साथ मंगल और शुक्र ही रहेंगे।
 
 
मकर राशि में त्रिकोण : यह त्रिकोण बहुत ही खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि मंगल के शुक्र और शनि दोनों ही शत्रु है और इस वक्त मंगल अपनी उच्च राशि मकर में बैठक बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली हो चला है। मकर में शनि और मंगल की युति शुभ नहीं मानी जा रही है। ये दोनों मिलकर ही दंगल करा रहे हैं। मंगल को पराक्रम और शौर्य का ग्रह माना जाता है। कहते हैं कि मंगल जब भी शनि की राशि में गोचर करता है तो यह आपदा और युद्ध को जन्म देता है। शनि का मकर राशि में गोचर जब तक रहेगा, तब तक पूरे विश्व का माहौल अशांति पूर्ण रहने के साथ ही तनाव व युद्ध की स्थिति से भरा रहेगा।
 
 
दुनिया पर असर : मकर राशि में इस त्रिकोण की धमा-चौकड़ी के कारण हो सकता है कि दुनिया विश्व युद्ध की ओर कदम बढ़ा दे। इस तिकड़ी के कारण यह तो तय है कि दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर इसका असर होगा। खाद्य सामग्री, तेल और सोना-चांदी में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। महंगाई आसमान छूएगी और भूखमरी बढ़ जाएगी। दूसरे देश भी युद्ध की आग में जलने लगेंगे। योरप में संकट के हालात रहेंगे। देश दुनिया में राजनीतिक अस्थिरत रहेगी और सत्ता परिवर्तन होंगे। जंगल में भयानक आग लगने की संभावना है। पानी में भी तबाही होगी। 
 
भारत पर असर : भारत में राजनीतिक उथल-पुथल होगी। सत्ता परिवर्तन के योग बन रहे हैं। महंगाई से लोग त्रस्त रहेंगे। जन आंदोलन हो सकते हैं। अग्निकाण्ड, भूकंप और तूफान पैदा होंगे। युद्ध में भारत शांति की भूमिका निभा सकता है, क्योंकि भारत की ग्रह स्थिति बेहद मजबूत है। ग्रहों का यह बदलाव भारत के पक्ष में है। इससे भारत विश्व में बड़ी शक्ति बनकर उभरता दिखाई दे रहा है।


स्वतंत्र भारतवर्ष की वृषभ लग्न की कुंडली के नवम भाव अर्थात भाग्य भाव में यह पंचग्रही योग बन हो रहा है और राशि अनुसार कर्क राशि से यह सप्तम भाव में बन रहा है। ऐसी स्थिति में यह पंच ग्रही योग दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ाने वाला साबित होगा। भारत अपने विरोधी देशों पर भारी पड़ता हुआ नजर आएगा और विश्व मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने में सर्वोपरि दिखेगा। यह देशवासियों के साहस और पराक्रम में भी वृद्धि करेंगे तथा भाग्य को मजबूत बनाएंगे जिससे विश्व पटल पर भारत की छवि मजबूत होगी।