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नीच का मंगल अमंगल तो नहीं करेगा, पढ़ें विश्लेषण...

Author पं. अशोक पँवार 'मयंक'|
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* 16 जुलाई को करेगा राशि में प्रवेश, जानिए क्या होगा असर... 
 
16 जुलाई को दोपहर 3 बजे से होगा। मंगल चन्द्र की राशि कर्क में नीच का होता है। चन्द्र की राशि में ही क्यों मंगल नीच का होता है? क्योंकि चन्द्र मन का कारक होता है। चन्द्र जल तत्व की राशि है।

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मंगल उग्र स्वभाव व साहस देने वाला होता है। इस राशि में मंगल सबसे ज्यादा मन को प्रभावित करता है। साहस को कमजोर करता है वहीं मन को चिड़चिड़ा बना देता है व मंगल इस राशि में ठंडा होता है। 
 
गलत प्रेरणा को देने वाला भी होता है। जन्म पत्रिका में मंगल यदि 1, 4,  7, 8, 12 भावों में रहता है तो वह जातक कहलाता है। यदि जहां मंगल होता है वहीं चन्द्र हो तो मंगल दोष नहीं लगता। यदि गुरु की दृष्टि मंगल पर पड़े तो भी मंगल दोष नहीं रहता। 
 
मंगल पर शनि की दृष्टि या समसप्तक हो तो उस जातक की पत्रिका में बनता है। उस जातक के कार्यों में बाधा आना, वैधव्य योग का बनना, तलाक के योग जहां पर जैसी स्थिति होगी, वैसा ही परिणाम देगा। 
 
मंगल 27 अगस्त तक अस्त होकर रहेगा। अस्त होकर ही सिंह में प्रवेश करेगा। अस्त मंगल ज्यादा हानिकारक नहीं होता लेकिन इस समयावधि में वक्र शनि भी मंगल को देखेगा वहीं मंगल की राशि वृश्चिक में रहकर अमंगलकारी होगा। इस समय अराजकता की स्थिति रहेगी, पड़ोसी व घरेलू दुश्मनों से क्षति बनेगी। सावधानी व सुरक्षा के इंतजाम पर्याप्त होने से कोई बड़ी दुर्घटना के योग कम ही रहेंगे। 

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