webdunia

Select Your Language

Notifications

webdunia
  1. धर्म संसार
  2. ज्योतिष
  3. ज्योतिष आलेख
  4. Mangal grah in mithun rashi effect in hindi

13 नवंबर तक मिथुन राशि में मंगल, 5 राशियों के हर काम होंगे सफल, भाग्य होगा प्रबल

Mars transits
Mars Transits in Gemini: 10 अगस्त से ही मंगल वृषभ राशि में भ्रमण कर रहा था लेकिन अब वह 16 अक्टूबर 2022 दिन रविवार को दोपहर 12 बजकर 04 मिनट पर वृषभ से निकलकर मिथुन राशि में गोचर करने लगा है। 13 नवंबर तक यह इसी राशि में रहेगा। आओ जानते हैं कि मंगल के मिथुन राशि में प्रवेश किन 5 राशियों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ। कहीं आपकी राशि तो नहीं है इसमें शामिल।
 
मेष राशि | Aries: आपकी राशि के तृतीय में मंगल का गोचर होगा। आपको कार्यक्षेत्र में वाद विवाद से बचना होगा। हालांकि कार्यक्षेत्र में आपकी उन्नति होगी। नौकरीपेशा जातक की पदोन्नति या आमदानी बढ़ने के योग हैं। व्यापारी को नए अवसर प्राप्त होंगे। छात्रों के लिए यह गोचर शुभ है। भाई बहनों के साथ बनाकर रखें। सेहत का भी ध्यान रखें।
 
सिंह राशि | Leo sun sign: आपकी राशि के एकादश भाव में मंगल का गोचर शुभ है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पदोन्नति या स्थानांतरण के इच्छुक लोगों की इच्छापूर्ण होगी। प्रॉपटी में निवेश के योग बनेंगे। निवेश से लाभ होगा। संतान की सेहत की देखभाल करें। पारिवारिक माहौल अच्‍छा रहेगा। सेहत में सुधार होगा। 
 
कन्या राशि | Virgo: आपकी राशि के दशम भाव में मंगल का गोचर होगा। आर्धिक रूप से पहले की अपेक्षा ज्यादा मजबूत होंगे। वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने के योग बनेंगे। व्यापारी हैं तो व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं। नौकरी में सकारात्मक बदलावा होंगे। घर पर मान-सम्मान बढ़ेगा।
मकर राशि | Capricorn: आपकी राशि के षष्टम भाव में मंगल का गोचर होगा। नौकरी में गुप्त शत्रुओं पर आप विजय प्राप्त करेंगे। कार्यक्षेत्र में उन्नति करेंगे। व्यापार में भी प्रगति होगी, लेकिन आपको सोच समझकर ही निर्णय लेना होंगे। पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा। सेहत भी ठीक रहेगी।
 
मीन राशि | Pisces: आपकी राशि के चतुर्थ भाव में मंगल का गोचर शुभ रहेगा। इस दौरान आप चल-अचल संपत्ति या प्रॉपर्टी से अच्छा धन कमा सकेंगे। वाहन खरीदने का योग बनेगा। नौकरीपेशा हैं तो तरक्की प्राप्त करेंगे। व्यापारी हैं तो व्यापार में लाभ होगा। हालांकि कार्यस्थल पर संयम और समझदारी से काम करना होगा। पारिवार में किसी भी प्रकार के विवाद से बचें।
ये भी पढ़ें
Tulsi Stotram : तुलसी स्तोत्रम् से करें देवउठनी एकादशी का पूजन, ऋषि Pundarik ने रचा है इसे