Published: Tue, 10 Mar 2026 (10:40 IST)Updated: Tue, 10 Mar 2026 (10:49 IST)
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में सबसे सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। यह एकादशी श्रीहरि भगवान विष्णु को सर्वाधिक प्रिय है।
पंचांग भेद के कारण यह एकादशी कई जगहों पर 23 जून, शनिवार को, तथा कई स्थानों पर 24 जून, रविवार मनाई जाएगी। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं एकादशी व्रत का शुभ समय, इस समय का लाभ उठाकर आप श्रीहरि विष्णु की अनंत कृपा पा सकते हैं।
* एकादशी व्रत का समय 23 जून 2018, शनिवार रात्रि 3 बजकर 19 मिनिट से शुरू होकर 24 जून, रविवार को रात्रि 3 बजकर 52 मिनिट तक प्रभावी रहेगा।
इस दिन एकादशी का व्रत रखने के साथ 108 बार निम्न मंत्र का जप करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
मंत्र- 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:'
एकादशी के दिन व्रतधारी मनुष्य को निर्जल रहते हुए ब्राह्मण अथवा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नीचे दिए गए मंत्र के साथ शुद्ध पानी से भरा घड़ा दान करना चाहिए। दान देते समय निम्न मंत्र का जाप करने से दान का पुण्य करोड़ों गुना मिलता है। आइए जानें मंत्र-
- अर्थात् संसार सागर से तारने वाले देवदेव हृषीकेश! इस जल के घड़े का दान करने से आप मुझे परम गति की प्राप्ति कराइए। इसके साथ ही अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा सहित, फल (विशेषकर आम), वस्त्र, छाता, जूता, आदि का दान करना चाहिए।