प्रेम गीत : भीगी भीगी बरसातों में
राकेशधर द्विवेदी | Friday,November 24,2023
भीगी भीगी बरसातों में, तुम ख्वाबों में छा जाते हो, मैं कैसे समझाऊं तुम्हें, मेरे सपनों में तुम आते हो, सौंधी सौंधी माटी ...
हिन्दी कविता : बड़ा ही दयालु है मुरली वाला
राकेशधर द्विवेदी | Wednesday,October 4,2023
कट जाएंगे तेरे दुःख-दर्द सारे
कान्हा की चरणों में जाके तो देखो
बड़ा ही दयालु है मुरली वाला
कभी उसकी शरणों में जाके तो ...
जन्माष्टमी पर कविता: नन्द के ललना मंद-मंद मुस्काए
राकेशधर द्विवेदी | Thursday,September 7,2023
नन्द के ललना मंद-मंद मुस्काए
यशोदा मइया पलना झुलाए
पलना झुलाए मइया पलना झुलाए
ललना को देख मन ही मन मुस्काए
नन्द के ...
पितृ दिवस पर कविता : मैं एक छोटा बच्चा हूं
राकेशधर द्विवेदी | Saturday,June 17,2023
Fathers Day par Kavita : जब मैं आंखें खोलता हूं, पापा को घर में नहीं पाता हूं, मम्मी धीरे से समझाती, पापा ऑफिस चले गए, ...
प्रेम गीत : देखो रात हुई और चांद खिला
राकेशधर द्विवेदी | Wednesday,May 10,2023
देखो रात हुई और चांद खिला, हम दीवाने यूं ही मचलते हैं, हाल दिलों का क्या कहें हम, सिर्फ तुमको देखा करते हैं, कुछ ...
मां दुर्गा पर कविता : मैया नवरातन में मुझ पर कृपा कीजिए
राकेशधर द्विवेदी | Thursday,September 22,2022
Poem on Navratri 2022 : नवरात्रि में व्रत रखकर मां दुर्गा की पूजा-आराधना की जाती है, यहां पढ़ें मां दुर्गा के प्रति ...
हिन्दी कविता : मेरे कान्हा की प्यारी मुरतिया
राकेशधर द्विवेदी | Thursday,July 7,2022
मेरे कान्हा की प्यारी मुरतिया, मन में बस जाए इसकी सुरतिया, गोकुल धाम से कान्हा आए, जमुना किनारे बंसी बजाए, भागी-दौड़ी ...
पितृ दिवस पर कविता : पापा जल्दी आ जाना, घंटों गप्पे लड़ाएंगे
राकेशधर द्विवेदी | Sunday,June 19,2022
मैं तुमसे बातें करने, मोबाइल रोज मिलाता हूं, टन-टन घंटी रोज है बजती, बात नहीं कर पाता हूं
पिता पर कविता : संडे जल्दी से आ जाओ, पापा से पूरे दिन मिलाओ
राकेशधर द्विवेदी | Friday,June 17,2022
मैं मम्मा से पूछता हूं, पापा कब मेरे संग खेलेंगे, मम्मा धीरे से समझाती
वो तो संडे को मिल पाएंगे...
हिन्दी कविता : सिया जू की प्यारी मिथिला नगरिया
राकेशधर द्विवेदी | Tuesday,May 24,2022
सिया जू की प्यारी मिथिला नगरिया, देखो बरात ले के आए हैं।
लक्ष्मण राम संवरिया, बरात को देखकर सखिया मुस्काई

