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सूर्य कर्क संक्रांति क्या है, इस शुभ मुहूर्त में करें सूर्य पूजा, 12 राशियों पर होगा महाअसर

Webdunia
सोमवार, 11 जुलाई 2022 (06:17 IST)
Surya ka kark rashi mein parivartan : 16 जुलाई 2022 को सूर्य मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश कर्क संक्रांति कहलाता है। कर्क संक्रांति से सूर्य पूर्णत: दक्षिणायन गमन करने लगता है। इस शुभ मुहूर्त में करें सूर्य पूजा और जानें 12 राशियों पर होगा क्या महाअसर।
 
 
शुभ मुहूर्त :
1. सूर्य का कर्क राशि में गोचर 16 जुलाई, 2022 की रात 11:11 बजे होगा।
2. अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:37 से 12:31 तक।
3. अमृत काल मुहूर्त : प्रात: 05:47 से 07:14 तक।
4. विजय मुहूर्त : 02:20 से 03:14 तक।
5. गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:37 से 07:01 तक।
 
सूर्य पूजा :
सूर्य अर्घ्य देने के नियम-Surya Arghya ke Niyam
 
1. इस दिन प्रात:काल सूर्योदय से पूर्व शुद्ध होकर स्नान करें। 
 
2. तत्पश्चात उदित होते सूर्य के समक्ष कुश का आसन लगाएं। 
 
3. आसन पर खड़े होकर तांबे के पात्र में पवित्र जल लें। 
 
4. उसी जल में मिश्री भी मिलाएं। मान्यतानुसार सूर्य को मीठा जल चढ़ाने से जन्मकुंडली के दूषित मंगल का उपचार होता है।
 
5. मंगल शुभ हो तब उसकी शुभता में वृद्दि होती है। 
 
6. जैसे ही पूर्व दिशा में सूर्यागमन से पहले नारंगी किरणें प्रस्फूटित होती दिखाई दें, आप दोनों हाथों से तांबे के पात्र को पकड़ कर इस तरह जल चढ़ाएं कि सूर्य जल चढ़ाती धार से दिखाई दें।
 
7. सूर्य को जल धीमे-धीमे इस तरह चढ़ाएं कि जलधारा आसन पर आ गिरे ना कि जमीन पर। 
 
8. जमीन पर जलधारा गिरने से जल में समाहित सूर्य-ऊर्जा धरती में चली जाएगी और सूर्य अर्घ्य का संपूर्ण लाभ आप नहीं पा सकेंगे। 
 
9. अर्घ्य देते समय यह मंत्र 11 बार पढ़ें- 'ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजोराशे जगत्पते। अनुकंपये माम भक्त्या गृहणार्घ्यं दिवाकर:।।' 
 
10. फिर यह मंत्र 3 बार पढ़ें- 'ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय, सहस्त्रकिरणाय। मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा:।।' 
 
11. तत्पश्चात सीधे हाथ की अंजूरी में जल लेकर अपने चारों ओर छिड़कें। 
 
12. अपने स्थान पर ही 3 बार घूम कर परिक्रमा करें। 
 
13. आसन उठाकर उस स्थान को नमन करें।
 
14. इसके अलावा सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें रोली, चंदन, लाल पुष्प डालना चाहिए तथा चावल अर्पित करके गुड़ चढ़ाना चाहिए। इससे सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है।
 
सूर्यदेव का अर्घ्य मंत्र- 
ॐ ऐही सूर्यदेव सहस्त्रांशो तेजो राशि जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणार्ध्य दिवाकर:।।
 
ॐ सूर्याय नम:, ॐ आदित्याय नम:, ॐ नमो भास्कराय नम:।
अर्घ्य समर्पयामि।।
 
अत: सूर्य कर्क संक्रांति के दौरान सूर्यदेव का पूजन करके आरोग्य, निरोग शरीर, वैभव, सामर्थ्य, पुर्णायु को प्राप्त करें। 
 
12 राशियों पर महाअसर :
 
1. मेष राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि के चतुर्थ भाव में होगा। नौकरी और व्यापार में प्रगति होगी। सुख समृद्धि बढ़ेगी। हालांकि आपके क्रोध में इजाफा हो सकता है।
 
2. वृषभ राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि के तीसरे भाव में होगा। भाई बहनों से सहयोग मिलेगा। नौकरी में बदलाव हो सकता है। व्यापार में सफलता अर्जित कर सकते हैं। आप अपने निर्णय पर टिके रहेंगे। साहस और आत्म विश्‍वास बढ़ेगा। 
 
3. मिथुन राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि के दूसरे भाव में होगा। आर्थिक रूप से आप मजबूत होंगे। नौकरीपेशा हैं तो वेतनववृद्धि के योग हैं। व्यापार में अच्छा मुनाफा प्राप्त होगा। अटका हुआ धन प्राप्त होगा। परिवार के साथ वाद विवाद से बचें।
 
4. कर्क राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि के प्रथम भाव यानी लग्न भाव में होगा। इससे आपके स्वभाव में बदलाव आ सकता है। नौकरीपेशा जातकों की वेतन वृद्धि होगी। व्यापार में सक्रियता बढ़ेगी और लाभ कमाएंगे। आपको अपने उग्र स्वभाव कर कंट्रोल रखना होगा। 
 
5. सिंह राशि : आपकी राशि के बारहवें भाव में सूर्य का गोचर विदेश से लाभ प्राप्त करने के योग बनाएगा। हालांकि व्यापारियों को सावधान रहने की जरूरत है। लंबी यात्रा के योग बन रहे हैं। सेहत का ध्यान रखना होगा।
 
6. कन्या राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि के एकादश यानी 11वें भाव में हो रहा है। इस दौरान आमदानी में बढ़ोतरी होगी। नौकरी में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। व्यापार में नई योजनाएं बनेगी। परिवार में भी मान सम्मान बढ़ेगा और खुशियों का माहौल बनेगा। 
 
7. तुला राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि के दसवें भाव में हो रहा है। नौकरी हो या व्यापार दोनों ही में आप उन्नति करेंगे। करियर में भी सफलता मिलेगी। पिता से संबंध अच्‍छे रहेंगे। परिवार के लोग आपका सहयोग करेंगे।
 
8. वृश्चिक राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि के नवम 9वें भाव में हो रहा है। आपको भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी के नए अवसार प्राप्त होंगे। व्यावसायिक वसायिक उद्देश्य से भूमि या भवन में निवेश कर सकते हैं।
 
9. धनु राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि के अष्‍टम यानी 8वें भाव में होगा। अचानक से लाभ और हानि की संभावना है। अत: व्यापार में सोच समझकर ही निवेश करें। नौकरी में भी सतर्क रहें। घटना दुर्घटना से बचना होगा। हालांकि शोधकार्य में करियर बना रहे लोगों को सफलता मिलेगी। सेहत का ध्यान रखें।
 
10. मकर राशि : आपकी राशि के सप्तम भाव में सूर्य का गोचर दांपत्य जीवन और साझेदारी के व्यापार पर प्रभाव डालेगा। अत: थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। नौकरी में भी यह मिलाजुला असर वाला सिद्ध होगा। परिवार में किसी भी प्रकार के वाद विवाद से बचें।
 
11. कुंभ राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि के छठे भाव में हो रहा है। बीमारी से छुटकारा मिलेगा। आपके शत्रु परास्त होंगे। मुकदमेबाजी में सफलता मिलेगी। नौकरी या व्यापार में मिलाजुला प्रभाव रहेगा।
 
12. मीन राशि : सूर्य का गोचर आपकी राशि पांचवें भाव में होगा। शिक्षा और संतान के साथ करियर पर इसका प्रभाव रहेगा। हालांकि नौकरी या व्यापार में उतार-चढ़ाव भरी स्थिति रहेगी। हालांकि छात्रों और शिक्षकों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा।

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