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Last Updated : Thursday, 22 April 2021 (10:31 IST)

कोरोना के चलते शादियों का रंग हुआ फीका, इससे जुड़े व्यवसाइयों को हो रहा जबर्दस्त नुकसान

Coronavirus
जैसलमेर। इस बार कोरोना की दूसरी लहर के चलते राजस्थान सहित पूरे देश में 23 तारीख से शुरू हो रही शादियों का रंग फीका हो गया है। इस बार रिकॉर्ड शादियां होने की संभावना है, लेकिन सरकार की सिर्फ 50 लोगों की मौजूदगी की सरकारी गाइडलाइन के कारण लोगों के चेहरे की चमक उतर गई है। शादियों से संबंधित व्यवसायी ज्वेलर्स, टेंट हाउस, कपड़ा व्यापारी, फैंसी शोरूम आदि पंडित, हलवाई सबके चेहरे उतरे हुए हैं। खासकर हलवाई एवं टेंट व्यवसाइयों को जबर्दस्त नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 
आमजन न तो शादियां रद्द करवा पा रहे हैं और न ही इसके आगे खिसकाने के मूड में नजर आ रहे हैं। 
बाड़मेर के सिवाणा क्षेत्र के भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक पत्र लिखकर मांग की है कि इस अनुशासन, लॉकडाउन में जिनके घर में शादी होने जा रही हैं, उनकी सहूलियत के लिए कपड़ा व्यापारियों, ज्वेलर्स एवं कॉस्मेटिक्स से जुड़े व्यापारियों को कुछ घंटे मार्केट खोलने की छूट दी जाए।
 
दरअसल, 23 अप्रैल से भारी संख्या में शादियों का मौसम शुरू हो रहा है। लोगों ने इसके लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की थी, लेकिन कोरोना की इस जबर्दस्त लहर ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कर्फ्यू के कारण बाजार बंद होने से सावों में न तो खरीदारी कर पा रहे हैं और न ही कोई तैयारी कर पा रहे हैं। खासकर ज्वेलर्स एवं कपड़ा व्यापारियों को करोड़ों रुपए का नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। दुकानें बंद होने से दूल्हे की शेरवानी एवं अन्य परिधान लेने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। दुल्हन का श्रृंगार एवं कपड़े लेने में भी दिक्कत आ रही है।

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इस संबंध में बीजेपी के बाड़मेर जिले से एकमात्र विधायक हमीर सिंह भायल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर मांग की है कि कपड़ा व्यापारियों के साथ ही श्रृंगार प्रसाधन व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों को कुछ घंटे दुकानें खोलने दी जाएं। अप्रैल और मई में शादियों का सीजन होता है इसलिए व्यापारियों के लिए यही समय होता है, जब वे अपना व्यापार सही ढंग से कर पाते हैं। (वार्ता)